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Showing posts with the label ध्यान

“क्रिकेट और अध्यात्म: क्या क्रिकेट खेलना भी एक तरह का ध्यान हो सकता है?”

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                                                                              कभी-कभी Cricket का एक Moment खिलाड़ी को इतना Present कर देता है कि उसका पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर टिक जाता है।    प्रस्तावना — क्या Cricket खेलते समय भी ध्यान हो सकता है? Cricket एक ऐसा Game है जिसमें पूरे शरीर की Exercise तो होती ही है, लेकिन मुझे लगता है कि इसके अंदर एक ऐसी चीज़ भी है जिस पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते— Ball को लगातार देखते रहना अपने आप में एक तरह की Awareness पैदा कर सकता है। जब खिलाड़ी लगातार Ball पर नजर रखता है, तो उसका Focus धीरे-धीरे बाकी चीज़ों से हटकर उसी Moment पर आ जाता है। शायद इसी वजह से खेलते-खेलते कभी-कभी एक ऐसी अवस्था बन जाती है, जहाँ खिलाड़ी को बाकी चीज़ों का ध्यान कम और सामने हो रहे खेल का ध्यान ज्यादा रहता है। मुझे इसका एहसास एक बार मैदान पर हुआ था। दूसरी Team का सबसे तेज Bo...

"Result की चिंता छोड़कर process पर कैसे ध्यान दें? हर cricketer के लिए एक ज़रूरी सीख"

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                                     जब ध्यान परिणाम से हटकर प्रक्रिया और अगली गेंद पर आता है, तब खिलाड़ी अपना स्वाभाविक खेल खेल पाता है | प्रस्तावना क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि मैच शुरू होने से पहले ही आपके मन में कई तरह के विचार आने लगते हैं? आज रन बनाने ही हैं। जल्दी आउट नहीं होना है। टीम को जीताना है। सबकी उम्मीदें मुझ पर हैं। ऐसे विचार स्वाभाविक हैं, लेकिन कई बार यही विचार हमारे प्रदर्शन को प्रभावित करने लगते हैं। क्रिकेट केवल तकनीक का खेल नहीं है, बल्कि यह मन का भी खेल है। जब खिलाड़ी परिणाम की चिंता में उलझ जाता है, तब उसका ध्यान वर्तमान गेंद से हटने लगता है। मैंने कई बार महसूस किया है कि मैच से पहले दिमाग में रन, प्रदर्शन और परिणाम को लेकर अलग-अलग विचार आने लगते हैं। जितना मैं इन बातों के बारे में सोचता था, उतना ही मैदान पर सहज रहना मुश्किल हो जाता था। शायद यही कारण है कि कई खिलाड़ी अच्छी तैयारी के बावजूद मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाते। इस लेख में हम समझेंगे कि प...

''क्रिकेटरों के लिए 5 मिनट का ध्यान : मैच से पहले टेंशन फ्री कैसे रहें''

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मैच से पहले के 5 मिनट जो आपकी खेल क्षमता बदल सकते हैं कल्पना कीजिए — आपका महत्वपूर्ण मैच है। दिल तेज़ धड़क रहा है, हथेलियों में पसीना है और मन में कई तरह के विचार चल रहे हैं। ऐसे समय में अधिकतर खिलाड़ी केवल तकनीक और अभ्यास के बारे में सोचते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि क्रिकेट केवल शारीरिक खेल नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह मानसिक संतुलन का भी खेल है। यदि मन स्थिर है, तो प्रदर्शन अपने आप बेहतर हो जाता है। इसलिए आज हम जानेंगे 5 मिनट की एक सरल ध्यान विधि, जिसे अपनाकर आप मैच से पहले खुद को शांत, आत्मविश्वासी और पूरी तरह तैयार कर सकते हैं। क्रिकेटरों के लिए ध्यान क्यों आवश्यक है? 1. दबाव को नियंत्रित करने के लिए बड़ा मैच, दर्शकों की भीड़ और टीम की उम्मीदें — ये सब मिलकर मानसिक दबाव बनाते हैं। ध्यान मन को शांत करता है और खिलाड़ी को परिस्थिति के अनुसार सही निर्णय लेने में सहायता देता है। 2. एकाग्रता बढ़ाने के लिए क्रिकेट में एक पल की चूक भी मैच का रुख बदल सकती है। ध्यान अभ्यास से एकाग्रता मजबूत होती है और खिलाड़ी गेंद पर पूरा ध्यान लगा पाता है। 3. भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए आउट होने या गलती...

''विराट कोहली का ध्यान का सफर: मेंटल स्ट्रेंथ का राज़ ''

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 मैच का आखिरी ओवर ,टीम को जीत के  लिए 10 रन  चाहिए,  और विराट कोहली क्रीज़ पर..... लेकिन आज हम बात नहीं करेंगे उनके शॉट्स की , बात करेंगे उनके माइंड  की!  2014 के बाद विराट में जो बदलाव आया ,वो सिर्फ फिटनेस का नहीं बल्कि मेन्टल स्ट्रेंथ का नतीजा था | और इसकी चाबी थी  - ध्यान और मेडिटेशन |  2014 :  वो साल जब सब कुछ बदल गया : 2014 इंग्लैंड टूर विराट के करियर  का टर्निंग पॉइंट था | ख़राब फॉर्म  के बाद विराट ने महसूस किया  कि फिजिकल ट्रेनिंग काफी नहीं है | इसी दौरान उन्होंने मैडिटेशन को गम्भीरता से लेना शुरू किया | विराट ने मीडिया के सामने ये माना की मेन्टल  हेल्थ फिजिकल  फिटनेस जितनी ही जरूरी है |  2014 इंग्लैंड टूर :   वो मोड़ जब विराट ने पाया मेन्टल  राज़    सच्चाई ये है कि 2014 इंग्लैंड टूर विराट के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था | ख़राब प्रदर्शन के दौरान उन्हें एहसास  हुआ कि सिर्फ शारीरिक प्रशिक्षण प्रयाप्त नहीं है | इसी अवधि में उन्होंने गंभीरता से मैडिटेशन अभ्यास शुरू किया |  ...