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Showing posts with the label क्रिकेट मनोविज्ञान

“जब खिलाड़ी खुद को साबित करने लगता है, तब उसका असली Cricket कहाँ चला जाता है?"

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                                        कभी-कभी खिलाड़ी का सबसे बड़ा Pressure Opposition से नहीं, खुद को साबित करने की जरूरत से आता है। प्रस्तावना — खिलाड़ी कब Cricket खेलना छोड़कर खुद को साबित करने लगता है?  हमारे मैदान में हम हर Sunday Cricket खेलते हैं। कई बार वहाँ सिर्फ एक Match नहीं, बल्कि 3 Match की Series होती है। जो Team Series के 2 Match जीतती है, उसे ₹500 मिलते हैं। रकम बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन जब आप खुद उस Match का हिस्सा होते हैं, तो वही ₹500 अचानक काफी महत्वपूर्ण लगने लगते हैं। ऐसी ही एक Series में पहले दो Match मेरे लिए अच्छे नहीं रहे। मैं Opening करने उतरा, लेकिन मेरा बल्ला कुछ खास नहीं कर पाया और मेरे Runs ज्यादा नहीं बने। अब तीसरा Match सामने था और मेरे Mind में एक बात लगातार घूम रही थी— “यह Match जीतना ही है, वरना ₹500 चले जाएंगे।” उस समय मुझे लगा कि मैं Team को जिताने के बारे में सोच रहा हूँ। लेकिन अब पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है कि बात सिर्फ Team को जिताने की ...

“क्रिकेट और अध्यात्म: क्या क्रिकेट खेलना भी एक तरह का ध्यान हो सकता है?”

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                                                                              कभी-कभी Cricket का एक Moment खिलाड़ी को इतना Present कर देता है कि उसका पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर टिक जाता है।    प्रस्तावना — क्या Cricket खेलते समय भी ध्यान हो सकता है? Cricket एक ऐसा Game है जिसमें पूरे शरीर की Exercise तो होती ही है, लेकिन मुझे लगता है कि इसके अंदर एक ऐसी चीज़ भी है जिस पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते— Ball को लगातार देखते रहना अपने आप में एक तरह की Awareness पैदा कर सकता है। जब खिलाड़ी लगातार Ball पर नजर रखता है, तो उसका Focus धीरे-धीरे बाकी चीज़ों से हटकर उसी Moment पर आ जाता है। शायद इसी वजह से खेलते-खेलते कभी-कभी एक ऐसी अवस्था बन जाती है, जहाँ खिलाड़ी को बाकी चीज़ों का ध्यान कम और सामने हो रहे खेल का ध्यान ज्यादा रहता है। मुझे इसका एहसास एक बार मैदान पर हुआ था। दूसरी Team का सबसे तेज Bo...

Match से पहले 5 मिनट Phone छोड़कर बैठें तो क्या होगा? | Cricketers के Mental Game का एक अनदेखा सच

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                                                                                      मैच शुरू होने से पहले कुछ मिनट Phone और बाहरी शोर से दूरी खिलाड़ी को अपने Mind पर ध्यान देने का मौका दे सकती है। प्रस्तावना — Match शुरू होने से पहले ही खिलाड़ी का Match शुरू हो जाता है Match शुरू होने में अभी 20 मिनट बाकी हैं। खिलाड़ी Dressing Room में बैठा है। शरीर मैदान के लिए तैयार हो रहा है, लेकिन Mind शायद अभी तक मैदान पर पहुँचा ही नहीं है। एक तरफ WhatsApp के messages हैं। दूसरी तरफ Instagram की Reels। कहीं दूसरे Match का Score चल रहा है। पास बैठे खिलाड़ी Opposition की बात कर रहे हैं। कोई पूछ रहा है, “आज कितने Runs बनाएगा?” और Mind के किसी कोने में एक और सवाल चल रहा है— “अगर आज जल्दी Out हो गया तो?” बाहर से देखने पर यह सब बहुत सामान्य लगता है। आखिर Match से पहले थोड़ा Phone चला लेना, द...