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एक ही Cricket Match किसी के लिए खुशी और किसी के लिए दुख क्यों बन जाता है?

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                                                                                     एक ही मैच, लेकिन जीत और हार से जुड़ी भावनाएँ अलग-अलग। प्रस्तावना — एक ही मैच, लेकिन भावनाएँ अलग-अलग Cricket जब भी खेला जाता है, तो आखिर में कोई एक Team जीतती है और दूसरी Team हारती है। मैदान के एक तरफ अगर दोनों Teams को Support करने वाले दर्शक लगभग बराबर संख्या में मौजूद हों, तो मैच खत्म होने के बाद का नज़ारा देखने लायक होता है। जीतने वाली Team के Supporters अक्सर मैच के आखिरी पलों तक रुके रहते हैं। वे Man of the Match का नाम सुनना चाहते हैं, Winning Captain की Speech सुनना चाहते हैं और उस जीत को कुछ देर और जीना चाहते हैं। दूसरी तरफ हारने वाली Team के बहुत से Supporters निराश होकर मैदान से निकलने लगते हैं। यह कोई Rocket Science नहीं है। यह इंसान की भावनाएँ हैं। जब हम किसी Team या खिलाड़ी को S...

एक छोटे पहाड़ी Ground से Cricket को देखने का मेरा नजरिया क्यों अलग है?

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                                                                                     मेरे लिए Cricket की शुरुआत किसी बड़े Stadium से नहीं, बल्कि पहाड़ के एक छोटे से Ground और बचपन की उन साधारण शामों से हुई थी। एक छोटे पहाड़ी Ground से Cricket को देखने का मेरा नजरिया क्यों अलग है? मेरे लिए Cricket की शुरुआत किसी बड़े Stadium, Cricket Academy या महंगे Cricket Kit से नहीं हुई थी। सच कहूँ तो उस समय मुझे शायद यह भी नहीं पता था कि जिस खेल में मैं इतना मजा ले रहा हूँ, वह आगे चलकर मेरी जिंदगी का इतना बड़ा हिस्सा बन जाएगा। साल शायद 1998–99 रहा होगा और मेरी उम्र लगभग 3–4 साल । मैं अपने बड़े भाई के साथ घर के पास ही Cricket खेलना शुरू कर चुका था। उस समय हमारे पहाड़ों में आज की तरह हर घर पूरी तरह Concrete का नहीं हुआ करता था। बहुत-से घर लकड़ी, पत्थर और मिट्टी के मिश्रण से बने होते थे। हम...

“जब खिलाड़ी खुद को साबित करने लगता है, तब उसका असली Cricket कहाँ चला जाता है?"

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                                        कभी-कभी खिलाड़ी का सबसे बड़ा Pressure Opposition से नहीं, खुद को साबित करने की जरूरत से आता है। प्रस्तावना — खिलाड़ी कब Cricket खेलना छोड़कर खुद को साबित करने लगता है?  हमारे मैदान में हम हर Sunday Cricket खेलते हैं। कई बार वहाँ सिर्फ एक Match नहीं, बल्कि 3 Match की Series होती है। जो Team Series के 2 Match जीतती है, उसे ₹500 मिलते हैं। रकम बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन जब आप खुद उस Match का हिस्सा होते हैं, तो वही ₹500 अचानक काफी महत्वपूर्ण लगने लगते हैं। ऐसी ही एक Series में पहले दो Match मेरे लिए अच्छे नहीं रहे। मैं Opening करने उतरा, लेकिन मेरा बल्ला कुछ खास नहीं कर पाया और मेरे Runs ज्यादा नहीं बने। अब तीसरा Match सामने था और मेरे Mind में एक बात लगातार घूम रही थी— “यह Match जीतना ही है, वरना ₹500 चले जाएंगे।” उस समय मुझे लगा कि मैं Team को जिताने के बारे में सोच रहा हूँ। लेकिन अब पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है कि बात सिर्फ Team को जिताने की ...

“क्रिकेट और अध्यात्म: क्या क्रिकेट खेलना भी एक तरह का ध्यान हो सकता है?”

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                                                                              कभी-कभी Cricket का एक Moment खिलाड़ी को इतना Present कर देता है कि उसका पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर टिक जाता है।    प्रस्तावना — क्या Cricket खेलते समय भी ध्यान हो सकता है? Cricket एक ऐसा Game है जिसमें पूरे शरीर की Exercise तो होती ही है, लेकिन मुझे लगता है कि इसके अंदर एक ऐसी चीज़ भी है जिस पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते— Ball को लगातार देखते रहना अपने आप में एक तरह की Awareness पैदा कर सकता है। जब खिलाड़ी लगातार Ball पर नजर रखता है, तो उसका Focus धीरे-धीरे बाकी चीज़ों से हटकर उसी Moment पर आ जाता है। शायद इसी वजह से खेलते-खेलते कभी-कभी एक ऐसी अवस्था बन जाती है, जहाँ खिलाड़ी को बाकी चीज़ों का ध्यान कम और सामने हो रहे खेल का ध्यान ज्यादा रहता है। मुझे इसका एहसास एक बार मैदान पर हुआ था। दूसरी Team का सबसे तेज Bo...