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"मैं बार-बार जल्दी आउट क्यों हो जाता हूँ?(Shot Selection Cricket Tips in Hindi)”

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प्रस्तावना दोस्तों, अगर आप cricket खेलते हो तो एक चीज़ जरूर feel की होगी… practice में सब सही चलता है — shots clean लगते हैं, confidence high रहता है लेकिन जैसे ही match शुरू होता है… 2–3 गेंद खेलते ही OUT  और pavilion जाते हुए बस एक ही सवाल दिमाग में घूमता है — “यार, मैं फिर जल्दी आउट हो गया…” सच कहूँ… ये सिर्फ तुम्हारे साथ नहीं होता मैं खुद कई बार ऐसे ही आउट हुआ हूँ और हर बार अंदर से वही feeling आती थी — “ये shot खेलने की जरूरत ही क्या थी?” अगर आप भी सोचते हैं कि “मैं बार-बार जल्दी आउट क्यों हो जाता हूँ” , तो इसका सबसे बड़ा कारण आपका shot selection और decision making हो सकता है। नीचे देखिए, गलत decision के बाद कैसा frustration होता है                                                                                                    ...

“क्रिकेट में Shot Selection कैसे सुधारें? 90% खिलाड़ी यही गलती करते हैं”

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प्रस्तावना दोस्तों, आप सभी क्रिकेट प्रेमियों को मेरा नमस्कार!  क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आप shot खेलते ही समझ जाते हैं — “ये गलती हो गई…” और फिर कुछ ही सेकंड में आप आउट हो जाते हैं?उस समय अंदर से बहुत frustration होती है, क्योंकि हमें खुद पता होता है कि गलती हमारी ही थी।अगर हाँ, तो यकीन मानिए — समस्या skill में नहीं, shot selection में है सच कहूँ तो ये problem सिर्फ beginners की नहीं है… मैंने खुद भी कई बार same गलती की है। उस moment में लगता है कि shot सही है, लेकिन जैसे ही ball bat से लगती है… अंदर से एक आवाज आती है — “ये shot खेलने की जरूरत थी क्या?”                                                                                                          गलत shot selection की वजह से आउट होने के बाद frustration ...

“नेट्स में अच्छा खेलता हूँ, लेकिन मैच में फेल क्यों हो जाता हूँ?”

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                                                  नेट्स में confidence high होता है, लेकिन असली परीक्षा मैच में होती है | प्रस्तावना दोस्तों, आप सभी क्रिकेट प्रेमियों को मेरा नमस्कार!  क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आप नेट्स में अच्छा खेलते हैं लेकिन मैच में फेल हो जाते हैं ? मेरे  साथ तो ये कई बार हुआ है, और सच कहूँ तो उस time समझ ही नहीं आता था कि गलती कहाँ हो रही है। shots perfectly टाइम होते हैं… लेकिन जैसे ही मैच शुरू होता है, सब कुछ उल्टा होने लगता है? अगर हाँ, तो यकीन मानिए — आप अकेले नहीं हैं। मैंने खुद भी ये phase कई बार feel किया है। असली समस्या क्या है? पहली नजर में लगता है कि शायद technique में कमी है, लेकिन सच कुछ और होता है। नेट्स और मैच में सबसे बड़ा फर्क होता है — pressure का नेट्स में डर नहीं होता मैच में हर गेंद important लगती है यही चीज़ आपका game बदल देती है। और यही चीज़ मैंने धीरे-धीरे अपने गेम में notice की थी।   ...

“IPL का असली राज: ये 2 सेकंड की आदत आपको बना सकती है Consistent खिलाड़ी”

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प्रस्तावना दोस्तों आप सभी क्रिकेट प्रेमियों को मेरा नमस्कार ! अगर आप भी मेरी तरह क्रिकेट खेलते हैं, तो आपने भी कभी ना कभी बिना वजह जल्दी आउट होने की frustration जरूर महसूस की होगी। जैसा की आप सब को मालुम है IPL का हर मैच अपने आप में एक कहानी होता है। कभी कोई खिलाड़ी हीरो बन जाता है, तो कभी वही खिलाड़ी अगले मैच में फ्लॉप हो जाता है। लेकिन अगर आपने ध्यान से देखा हो, तो IPL में कई बार ऐसा होता है कि एक छोटी सी गलती पूरा मैच बदल देती है। एक गलत शॉट, एक मिस कैच, या एक खराब निर्णय… और मैच हाथ से निकल जाता है। तब मन में एक सवाल आता है — क्या ये सिर्फ skill की कमी है? मेरा जवाब है — नहीं |  अगर आप क्रिकेट में फोकस और concentration बढ़ाना चाहते हैं, तो यह जरूर पढ़ें: ''क्रिकेटरों के लिए 5 मिनट का ध्यान : मैच से पहले टेंशन फ्री कैसे रहें'' असल में फर्क बहुत छोटी-छोटी चीज़ों में छिपा होता है, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। छोटी आदत, बड़ा फर्क IPL में हर खिलाड़ी talented होता है। यहाँ तक पहुँचने के लिए हर किसी ने कड़ी मेहनत की होती है। लेकिन फिर भी कुछ खिलाड़ी बार-बार अच्...

"मैच में घबराहट क्यों होती है? 90% क्रिकेटर ये गलती करते हैं (मेरा अनुभव)"

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                                    प्रस्तावना दोस्तों आप सभी क्रिकेट प्रेमियों को मेरा नमस्कार ! अगर आप क्रिकेट खेलते हैं, तो आपने एक चीज़ जरूर महसूस की होगी  कि जैसे ही मैच शुरू होता है, दिल की धड़कन तेज हो जाती है।सच बताऊँ तो मैच शुरू होने से पहले मेरे हाथ भी कई बार ठंडे पड़ जाते थे और दिल बहुत तेज धड़कता था। उस समय समझ नहीं आता था कि मैं इतना nervous क्यों हो रहा हूँ, जबकि practice में सब सही चलता था। हाथ थोड़ा कांपने लगता है, दिमाग में बहुत सारे विचार आने लगते हैं और अचानक से वही खिलाड़ी जो practice में शानदार खेलता है, मैच में struggle करने लगता है। मेरे साथ भी यही होता था। मैं practice में बहुत confident रहता था, लेकिन जैसे ही मैच में उतरता था, अंदर से एक अजीब सी घबराहट शुरू हो जाती थी। तब मुझे लगता था कि शायद मुझमें skill की कमी है, लेकिन धीरे-धीरे मुझे समझ आया कि समस्या skill में नहीं, बल्कि सोच (mindset) में थी।                   ...

"IPL में talent नहीं, ये 1 चीज़ बनाती है खिलाड़ी को सुपरस्टार"

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                                          प्रस्तावना दोस्तों आप सभी क्रिकेट प्रेमियों को मेरा नमस्कार  जब भी IPL शुरू होता है मेरे अंदर एक अलग ही ऊर्जा का संचार होता है | मेरा मन टीवी पर मैच देखने से ज्यादा  खुद ही मैदान में उतरने का करता है | पर टीवी पर अलग-अलग खिलाड़ियों को खेलता देख कर ही मन भर लेता हूँ | जैसे ही IPL का सीजन आता है, हर जगह एक ही चर्चा होती है कि कौन सा खिलाड़ी इस बार चमकेगा, कौन सी टीम जीतेगी। मन में सवाल उठता है की क्या ये IPL का सीज़न पिछले आईपीएल सीज़न से भी बड़ा होगा ? लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि IPL में हर साल कई नए खिलाड़ी आते हैं, जिनमें बहुत प्रतिभा होती है, फिर भी कुछ ही खिलाड़ी सफल हो पाते हैं? क्या सिर्फ प्रतिभा (Talent) ही सफलता की गारंटी है?  मेरा जवाब है  -  नहीं | आज मैं आपसे एक ऐसी चीज़ के बारे में बात करने वाला हूँ, जो किसी भी खिलाड़ी को IPL जैसे बड़े मंच पर सफल बना सकती है।             ...

"क्रिकेट में डर कैसे खत्म करें? प्राणायाम से मेरा असली अनुभव"

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 प्रस्तावना  दोस्तों सबसे पहले आप सब क्रिकेट प्रेमियों को मेरा नमस्कार ! आज मैं आप सभी को जो रहस्य बताना चाहता हूँ उसे जान लेने के बाद मुझे यकीन है की अगर आप उसे अपने जीवन में और क्रिकेट के खेल में लागू करेंगे तो 99.9% रिजल्ट पाएंगे | आप सभी ने Art of living फाउंडेशन के बारे में तो सुना ही होगा | अगर नहीं सुन तो में बताता हूँ | आर्ट ऑफ लिविंग  फाउंडेशन एक स्वयंसेवी-आधारित, मानवीय और शैक्षिक गैर सरकारी संगठन (ngo) है | इसकी स्थापना 1981 में रविशंकर द्वारा की गई | यह संगठन तनाव को दूर करने और आत्म विकास जैसे कार्यक्रम सुदर्शन क्रिया, ध्यान और योग जैसी श्वास तकनीकों द्वारा सिखाते है |  अपने स्कूल के दिनों में मुझे भी मेरी माँ के माध्यम से इस आर्ट ऑफ लिविंग संगठन के बारे में पता लगा | क्युकी जब में उम्र में बदने लगा तो तनाव और अवसाद में घिरने लगा | जिस वजह से मेरी माँ ने मुजे एक बार इनका बेसिक कोर्स जॉइन करने की सलाह दी | मैं एक महीने इनका बेसिक कोर्स जॉइन किया तो मुझे अपने तनाव और अवसाद से छुटकारा मिल गया था | लेकिन जब फिर से पढ़ाई करते वक्त फिर टेंशन और तनाव होने लगा तो...