Set होने के बाद बल्लेबाज़ जल्दी Out क्यों हो जाते हैं? Confidence और Overconfidence का फर्क
प्रस्तावना क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि आप 20-30 Runs बनाकर अच्छी तरह Set हो चुके थे, Ball भी साफ़ दिखाई दे रही थी और Bowler भी उतना ख़तरनाक नहीं लग रहा था, लेकिन फिर अचानक एक ऐसा Shot खेल बैठे जिस पर Out होने की कोई ज़रूरत ही नहीं थी? Out होने के बाद अक्सर हम कहते हैं, "Shot गलत था..." "थोड़ा और रुक जाता तो अच्छा रहता..." "पता नहीं मैंने वह Risk लिया ही क्यों..." लेकिन जितना मैंने Local Cricket को Observe किया है, उतना मुझे लगता है कि कई बार समस्या उस Shot में नहीं होती। समस्या उससे कुछ मिनट पहले शुरू हो चुकी होती है। मैंने कई बार देखा है कि जब बल्लेबाज़ नया होता है, तब वह हर Ball को ध्यान से देखता है। उसे पता होता है कि अभी Wicket की कीमत ज़्यादा है। लेकिन जैसे-जैसे Score 20, 30 या 40 Runs तक पहुँचने लगता है, उसके मन में एक नई कहानी शुरू हो जाती है। "अब Bowler समझ आ गया है..." "अब मैं Set हो चुका हूँ..." "अब बड़े Shots खेल सकता हूँ..." और यहीं से एक बहुत पतली रेखा शुरू होती है, जिसे Match के दौरान पहचानना आसान नहीं हो...