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Showing posts with the label क्रिकेट और अध्यात्म

एक ही Cricket Match किसी के लिए खुशी और किसी के लिए दुख क्यों बन जाता है?

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                                                                                     एक ही मैच, लेकिन जीत और हार से जुड़ी भावनाएँ अलग-अलग। प्रस्तावना — एक ही मैच, लेकिन भावनाएँ अलग-अलग Cricket जब भी खेला जाता है, तो आखिर में कोई एक Team जीतती है और दूसरी Team हारती है। मैदान के एक तरफ अगर दोनों Teams को Support करने वाले दर्शक लगभग बराबर संख्या में मौजूद हों, तो मैच खत्म होने के बाद का नज़ारा देखने लायक होता है। जीतने वाली Team के Supporters अक्सर मैच के आखिरी पलों तक रुके रहते हैं। वे Man of the Match का नाम सुनना चाहते हैं, Winning Captain की Speech सुनना चाहते हैं और उस जीत को कुछ देर और जीना चाहते हैं। दूसरी तरफ हारने वाली Team के बहुत से Supporters निराश होकर मैदान से निकलने लगते हैं। यह कोई Rocket Science नहीं है। यह इंसान की भावनाएँ हैं। जब हम किसी Team या खिलाड़ी को S...

क्या चौके-छक्के लगाना ही Cricket है? खेल के उन पहलुओं की कहानी जो Scorecard नहीं बताता

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                                           Cricket की खूबसूरती सिर्फ चौके-छक्कों में नहीं, बल्कि खेल के हर छोटे-बड़े योगदान में भी छिपी है।  प्रस्तावना — क्या चौके-छक्कों से ही Cricket की  खूबसूरती तय होती है? Cricket को जितना करीब से समझने की कोशिश करता हूँ, इसकी खूबसूरती उतनी ही गहरी महसूस होती है। बचपन में मुझे भी चौके-छक्के, Wickets और जीत सबसे ज्यादा आकर्षित करते थे। लेकिन जैसे-जैसे इस खेल को करीब से देखा और खुद मैदान पर खेला, मुझे महसूस हुआ कि Cricket की असली खूबसूरती सिर्फ Boundary लगाने में नहीं, बल्कि उन छोटे-छोटे योगदानों में भी है जो मैच का रुख बदल सकते हैं। कभी एक Single बहुत कीमती होता है, कभी Partnership टीम को मुश्किल से निकालती है। Bowler लगातार अच्छी गेंदें डालकर दबाव बनाता है, Fielder अपनी समझ से चार Runs बचाता है और Wicketkeeper का एक शानदार Catch या Stumping मैच की तस्वीर बदल सकता है। तो क्या चौके-छक्के लगाना ही Cricket है? या इस खेल की खूबसूरती उन ...

एक छोटे पहाड़ी Ground से Cricket को देखने का मेरा नजरिया क्यों अलग है?

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                                                                                     मेरे लिए Cricket की शुरुआत किसी बड़े Stadium से नहीं, बल्कि पहाड़ के एक छोटे से Ground और बचपन की उन साधारण शामों से हुई थी। एक छोटे पहाड़ी Ground से Cricket को देखने का मेरा नजरिया क्यों अलग है? मेरे लिए Cricket की शुरुआत किसी बड़े Stadium, Cricket Academy या महंगे Cricket Kit से नहीं हुई थी। सच कहूँ तो उस समय मुझे शायद यह भी नहीं पता था कि जिस खेल में मैं इतना मजा ले रहा हूँ, वह आगे चलकर मेरी जिंदगी का इतना बड़ा हिस्सा बन जाएगा। साल शायद 1998–99 रहा होगा और मेरी उम्र लगभग 3–4 साल । मैं अपने बड़े भाई के साथ घर के पास ही Cricket खेलना शुरू कर चुका था। उस समय हमारे पहाड़ों में आज की तरह हर घर पूरी तरह Concrete का नहीं हुआ करता था। बहुत-से घर लकड़ी, पत्थर और मिट्टी के मिश्रण से बने होते थे। हम...

“क्रिकेट और अध्यात्म: क्या क्रिकेट खेलना भी एक तरह का ध्यान हो सकता है?”

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                                                                              कभी-कभी Cricket का एक Moment खिलाड़ी को इतना Present कर देता है कि उसका पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर टिक जाता है।    प्रस्तावना — क्या Cricket खेलते समय भी ध्यान हो सकता है? Cricket एक ऐसा Game है जिसमें पूरे शरीर की Exercise तो होती ही है, लेकिन मुझे लगता है कि इसके अंदर एक ऐसी चीज़ भी है जिस पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते— Ball को लगातार देखते रहना अपने आप में एक तरह की Awareness पैदा कर सकता है। जब खिलाड़ी लगातार Ball पर नजर रखता है, तो उसका Focus धीरे-धीरे बाकी चीज़ों से हटकर उसी Moment पर आ जाता है। शायद इसी वजह से खेलते-खेलते कभी-कभी एक ऐसी अवस्था बन जाती है, जहाँ खिलाड़ी को बाकी चीज़ों का ध्यान कम और सामने हो रहे खेल का ध्यान ज्यादा रहता है। मुझे इसका एहसास एक बार मैदान पर हुआ था। दूसरी Team का सबसे तेज Bo...