Set होने के बाद बल्लेबाज़ जल्दी Out क्यों हो जाते हैं? Confidence और Overconfidence का फर्क
प्रस्तावना
क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि आप 20-30 Runs बनाकर अच्छी तरह Set हो चुके थे, Ball भी साफ़ दिखाई दे रही थी और Bowler भी उतना ख़तरनाक नहीं लग रहा था, लेकिन फिर अचानक एक ऐसा Shot खेल बैठे जिस पर Out होने की कोई ज़रूरत ही नहीं थी?
Out होने के बाद अक्सर हम कहते हैं,
"Shot गलत था..."
"थोड़ा और रुक जाता तो अच्छा रहता..."
"पता नहीं मैंने वह Risk लिया ही क्यों..."
लेकिन जितना मैंने Local Cricket को Observe किया है, उतना मुझे लगता है कि कई बार समस्या उस Shot में नहीं होती।
समस्या उससे कुछ मिनट पहले शुरू हो चुकी होती है।
मैंने कई बार देखा है कि जब बल्लेबाज़ नया होता है, तब वह हर Ball को ध्यान से देखता है। उसे पता होता है कि अभी Wicket की कीमत ज़्यादा है।
लेकिन जैसे-जैसे Score 20, 30 या 40 Runs तक पहुँचने लगता है, उसके मन में एक नई कहानी शुरू हो जाती है।
"अब Bowler समझ आ गया है..."
"अब मैं Set हो चुका हूँ..."
"अब बड़े Shots खेल सकता हूँ..."
और यहीं से एक बहुत पतली रेखा शुरू होती है, जिसे Match के दौरान पहचानना आसान नहीं होता।
एक तरफ़ Confidence होता है।
दूसरी तरफ़ Overconfidence।
दिलचस्प बात यह है कि दोनों शुरुआत में लगभग एक जैसे दिखाई देते हैं।
दोनों में खिलाड़ी को अपने ऊपर भरोसा होता है।
लेकिन धीरे-धीरे एक भरोसा उसे बेहतर Decision लेने में मदद करता है, जबकि दूसरा भरोसा उसे ऐसी गलती की ओर ले जाता है जिसे वह आते हुए भी नहीं देख पाता।
मैंने Local Tournament में कई बार देखा है कि बल्लेबाज़ Bowler की सबसे अच्छी Ball पर Out नहीं होता।
वह अक्सर तब Out होता है जब उसे लगने लगता है कि अब वह Match को पूरी तरह Control कर सकता है।
और शायद यही वह जगह है जहाँ Confidence और Overconfidence का फर्क सबसे ज़्यादा दिखाई देता है।
तो सवाल यह है —
क्या हर बार Wicket खराब Ball की वजह से गिरती है, या कभी-कभी अपने ऊपर ज़रूरत से ज़्यादा भरोसे की वजह से भी?

कई बार बल्लेबाज़ Bowler की वजह से नहीं, बल्कि अपने ऊपर ज़रूरत से ज़्यादा भरोसे की वजह से Out होता है।
इसी बारे में हम इस लेख में गहराई से समझने की कोशिश करेंगे।
1. Confidence और Overconfidence में फर्क क्या है?
Cricket में Confidence और Overconfidence के बीच का फर्क समझना आसान नहीं है।
शायद इसलिए क्योंकि बाहर से देखने पर दोनों लगभग एक जैसे दिखाई देते हैं।
दोनों ही स्थिति में बल्लेबाज़ आत्मविश्वास से भरा हुआ लगता है।
उसकी Body Language अच्छी होती है।
वह Bowler को देखकर घबराता नहीं है।
और उसे अपने खेल पर भरोसा होता है।
लेकिन जितना मैंने Cricket को Observe किया है, उतना मुझे लगता है कि दोनों के बीच एक बहुत बड़ा फर्क छिपा होता है।
Confidence Awareness से पैदा होता है।
जबकि
Overconfidence अंदाज़े से पैदा होता है।
Confidence कहता है,
"मैं इस Ball को ध्यान से देखूँगा और उसके हिसाब से Decision लूँगा।"
लेकिन Overconfidence कहता है,
"मुझे पहले से पता है कि क्या होने वाला है।"
यहीं से दोनों रास्ते अलग होने लगते हैं।
मैंने Local Cricket में कई बार एक दिलचस्प चीज़ Notice की है।
जब कोई बल्लेबाज़ वास्तव में Confident होता है, तो वह Set होने के बाद भी Ball को उसी ध्यान से देखता है जैसे उसने अपनी Innings की पहली Ball को देखा था।
लेकिन जब Overconfidence बढ़ने लगता है, तो बल्लेबाज़ Ball को कम और अपनी कल्पना को ज़्यादा देखने लगता है।
उसे लगने लगता है,
"यह Bowler अब मुझे Out नहीं कर सकता..."
"इस Ball पर Boundary निकल ही जाएगी..."
"अब Risk लेने में कोई दिक्कत नहीं है..."
दिलचस्प बात यह है कि Overconfidence अक्सर बड़े Shots से शुरू नहीं होता।
कई बार उसकी शुरुआत मन में पैदा हुई एक छोटी सी लापरवाही से होती है।
मैंने Local Tournament में कई बार देखा है कि एक बल्लेबाज़ 25 Runs तक बहुत अच्छी Batting करता है।
Singles लेता है।
Strike Rotate करता है।
Situation को समझता है।
लेकिन जैसे ही उसे महसूस होता है कि अब वह पूरी तरह Set हो चुका है, उसका ध्यान Ball से हटकर अपने ऊपर आने लगता है।
और कई बार यहीं गलती की शुरुआत होती है।
मेरे हिसाब से Confidence खिलाड़ी को वर्तमान Ball के करीब लाता है।
जबकि Overconfidence उसे Ball आने से पहले ही भविष्य में पहुँचा देता है।
यही कारण है कि दोनों बाहर से एक जैसे दिखाई दे सकते हैं, लेकिन उनका असर पूरी तरह अलग होता है।
सीख
Confidence का मतलब अपने खेल पर भरोसा रखना है, जबकि Overconfidence का मतलब Situation को समझे बिना अपने अनुमान पर भरोसा करना है। एक जागरूक बल्लेबाज़ केवल यह नहीं देखता कि वह कितना Confident है, बल्कि यह भी Observe करता है कि कहीं उसका Confidence धीरे-धीरे Overconfidence में तो नहीं बदल रहा।
मेरे हिसाब से Confidence हमें Ball के करीब लाता है, जबकि Overconfidence कई बार हमें Ball आने से पहले ही उसके नतीजे तक पहुँचा देता है।
2. Set होने के बाद मन क्या कहानी बनाना शुरू कर देता है?
Cricket में एक दिलचस्प बात मैंने बार-बार Notice की है।
जब बल्लेबाज़ Crease पर नया होता है, तब उसका ध्यान ज़्यादातर Ball पर होता है।
वह Bowler को ध्यान से देखता है।
Pitch को समझने की कोशिश करता है।
और हर Ball को उसके Merit पर खेलता है।
लेकिन जैसे-जैसे वह Set होने लगता है, उसके मन में एक नई कहानी शुरू हो जाती है।
शायद वह कहानी कुछ ऐसी होती है —
"अब Bowler समझ आ गया है..."
"अब मैं Risk ले सकता हूँ..."
"अब Match मेरे Control में है..."
पहली नज़र में ये विचार गलत नहीं लगते।
आख़िर Confidence भी तो ज़रूरी है।
लेकिन मेरे हिसाब से यहीं एक बहुत पतला मोड़ आता है, जहाँ Awareness कम होने लगती है और अनुमान बढ़ने लगते हैं।
मैंने Local Cricket में कई बार देखा है कि 20-25 Runs तक बल्लेबाज़ बहुत संतुलित Batting करता है।
वह अच्छी Ball को Respect देता है।
Singles लेता है।
बेवजह Risk नहीं लेता।
लेकिन जैसे ही उसे महसूस होता है कि अब वह पूरी तरह Set हो चुका है, उसके Decisions बदलने लगते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि Bowler वही होता है।
Pitch वही होती है।
Field भी लगभग वही होती है।
लेकिन बल्लेबाज़ का मन बदल चुका होता है।
अब वह Ball को देखने से ज़्यादा अपनी समझ पर भरोसा करने लगता है।
मैंने Local Tournament में कई बार यह भी देखा है कि Set होने के बाद कुछ बल्लेबाज़ Bowler की Ball को नहीं, बल्कि अपनी कल्पना को खेलने लगते हैं।
Ball अभी हाथ से निकली भी नहीं होती और मन में फैसला हो चुका होता है।
"यह Ball मारने वाली है..."
"इस Over में Boundary निकालनी ही है..."
"अब Defensive खेलने की ज़रूरत नहीं..."
और कई बार यहीं से छोटी-छोटी गलतियाँ शुरू होती हैं।
एक और Observation मैंने कई बार Notice की है।
जब बल्लेबाज़ 5 Runs पर होता है, तब वह Bowler को Respect देता है।
लेकिन 35 Runs पर पहुँचकर वही Bowler उसे उतना ख़तरनाक नहीं लगता।
जबकि Reality में Bowler बदला ही नहीं होता।
सिर्फ़ देखने वाले का मन बदल गया होता है।
मेरे हिसाब से Overconfidence अक्सर किसी बड़े Shot से शुरू नहीं होता।
उसकी शुरुआत उस पल से होती है जब खिलाड़ी Situation को देखना कम और अपने अनुमान पर भरोसा करना ज़्यादा शुरू कर देता है।
यदि आपने Pressure और Decision Making के संबंध को नहीं समझा है, तो Match शुरू होते ही Pressure क्यों बढ़ जाता है? क्रिकेट का एक अनदेखा सच ! लेख भी पढ़ सकते हैं।
सीख
Set होने के बाद असली चुनौती Bowler नहीं, बल्कि अपने मन में चल रही कहानी को पहचानना होती है। एक जागरूक बल्लेबाज़ यह Observe करता है कि उसका Confidence उसे वर्तमान Ball के करीब ला रहा है या फिर धीरे-धीरे उसे यह विश्वास दिला रहा है कि अब सब कुछ उसके Control में है। क्योंकि कई बार Bowler नहीं बदलता, सिर्फ़ हमारी सोच बदल जाती है।
मेरे हिसाब से Cricket में कई गलतियाँ तब शुरू होती हैं, जब खिलाड़ी Ball को देखना छोड़कर अपने अनुमान पर भरोसा करना शुरू कर देता है।
3. Local Cricket में Overconfidence सबसे ज़्यादा कहाँ दिखाई देता है?
अगर आप Local Cricket खेलते हैं, तो शायद आपने यह चीज़ भी Notice की होगी कि Overconfidence हमेशा बड़ी-बड़ी बातों में दिखाई नहीं देता।
कई बार उसकी शुरुआत बहुत छोटी चीज़ों से होती है।
मैंने Local Cricket में कई बार देखा है कि जब बल्लेबाज़ नया होता है, तब वह Bowler को ध्यान से देखता है।
Ball को Respect देता है।
Situation को समझता है।
लेकिन जैसे ही उसे महसूस होता है कि अब वह Set हो चुका है, उसके Decisions धीरे-धीरे बदलने लगते हैं।
सबसे पहले वह Advance Charge करना शुरू करता है।
दिलचस्प बात यह है कि कई बार Bowler ने उसे आगे निकलने के लिए मजबूर भी नहीं किया होता।
फिर भी बल्लेबाज़ Crease छोड़कर आगे आ जाता है।
जैसे वह Ball को नहीं, अपनी सोच को साबित करना चाहता हो।
"अब मैं इस Bowler पर हावी हो सकता हूँ..."
इसके बाद अक्सर एक और चीज़ दिखाई देती है।
हर Ball को Air mein khelne ki koshish.
मैंने कई Local Matches में देखा hai ki बल्लेबाज़ 20-25 Runs तक ज़मीन पर शानदार Cricket खेलता है।
Singles लेता है।
Gaps ढूँढता है।
Strike Rotate करता है।
लेकिन फिर अचानक उसे लगने लगता है कि अब हर Boundary हवा में ही निकलेगी।
और कई बार यहीं Innings का रुख बदल जाता है।
एक Observation जो मैंने सबसे ज़्यादा Notice की है, वह यह है कि Overconfidence में बल्लेबाज़ अक्सर खराब Ball का इंतज़ार करना छोड़ देता है।
अब उसे लगभग हर Ball खेलने लायक लगने लगती है।
हर Over में Boundary चाहिए।
हर Ball पर कुछ बड़ा करना है।
और धीरे-धीरे Ball को देखने की जगह इरादा Decision लेने लगता है।
फिर जब Wicket गिरती है, तो Out होने के बाद अक्सर एक बात सुनने को मिलती है —
"यार Shot तो सही था..."
"बस Timing नहीं हुई..."
"Catch अच्छा हो गया..."
लेकिन मेरे हिसाब से असली कहानी कई बार कुछ और होती है।
समस्या उस Shot में नहीं होती।
समस्या उस सोच में होती है जो Shot से पहले पैदा हुई थी।
क्योंकि कई बार बल्लेबाज़ Ball की Quality देखकर Attack नहीं कर रहा होता।
वह सिर्फ़ यह महसूस कर रहा होता है कि अब उसे Attack करना चाहिए।
और यही Overconfidence की सबसे बड़ी पहचान है।
मैंने Local Tournament में कई बार देखा है कि एक Confident बल्लेबाज़ अच्छी Ball को भी Respect दे देता है।
लेकिन Overconfident बल्लेबाज़ को हर Ball मौका दिखाई देने लगती है।
और यही फर्क बाद में Scorecard पर दिखाई देता है।
इसी तरह की एक गलती के बारे में मैंने Practice में अच्छा शॉट match में विकेट क्यूँ बन जाता है? | Cricket shot selection guide लेख में भी चर्चा की है।
सीख
Overconfidence की शुरुआत अक्सर बड़े Shots से नहीं, बल्कि उस पल से होती है जब हम Situation को समझना छोड़कर अपने अनुमान पर भरोसा करना शुरू कर देते हैं। एक जागरूक बल्लेबाज़ यह Observe करता है कि वह Ball की वजह से Attack कर रहा है या सिर्फ़ इसलिए क्योंकि उसे लगता है कि अब वह Match को Control कर सकता है।
मेरे हिसाब से Overconfidence का सबसे बड़ा संकेत यह नहीं है कि खिलाड़ी बड़ा Shot खेल रहा है, बल्कि यह है कि उसने Ball को देखना कम और अपने मन की कहानी को सुनना ज़्यादा शुरू कर दिया है।
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| कई बार समस्या Shot में नहीं होती, बल्कि उस सोच में होती है जो Shot से पहले पैदा होती है। |
4. Dhoni, Dravid और Kohli का Confidence अलग क्यों था?
जब हम Dhoni, Rahul Dravid और Virat Kohli जैसे खिलाड़ियों को देखते हैं, तो अक्सर उनकी Technique, Records या बड़े Shots की बात करते हैं।
लेकिन जितना मैंने उनकी Innings को Observe किया है, उतना मुझे लगता है कि उनकी असली ताकत सिर्फ़ Talent नहीं थी।
उनकी असली ताकत यह थी कि वे Confidence और Overconfidence के बीच का फर्क समझते थे।
मैंने कई Local Matches में देखा है कि जैसे ही बल्लेबाज़ को अपने ऊपर भरोसा आता है, वह हर Ball पर कुछ बड़ा करने की कोशिश करने लगता है।
उसे लगता है कि Confidence का मतलब Attack करना है।
लेकिन Dhoni, Dravid और Kohli को देखकर मुझे कभी ऐसा नहीं लगा।
Dhoni को देखिए।
2011 World Cup Final हो या कई IPL Chases, मैंने एक चीज़ बार-बार Notice की है।
जब Match Pressure में होता था, तब Dhoni अक्सर और ज़्यादा शांत दिखाई देते थे।
वह हर Ball पर Boundary नहीं ढूँढते थे।
कई बार Single लेकर Strike Rotate करते थे।
कई बार पूरे Over में सिर्फ़ Match को पढ़ते रहते थे।
शायद उन्हें पता था कि Confidence का मतलब हर Ball को मारना नहीं है।
Confidence का मतलब सही समय आने तक इंतज़ार कर पाना भी है।
Rahul Dravid को देखिए।
कई लोगों को उनकी Batting धीमी या "boring" लगती थी।
लेकिन मैंने हमेशा उनकी Innings में एक गहरी Awareness महसूस की।
वह अच्छी Ball को Respect देने में कभी शर्म महसूस नहीं करते थे।
उन्हें हर Over जीतने की ज़रूरत महसूस नहीं होती थी।
शायद यही वजह थी कि उनका Confidence Bowler को हराने में नहीं, Situation को समझने में दिखाई देता था।
Virat Kohli की बात करें तो लोग अक्सर उनकी Aggression की चर्चा करते हैं।
लेकिन मैंने उनकी बड़ी Innings में एक अलग चीज़ Notice की है।
जब दूसरे खिलाड़ी Boundary ढूँढ रहे होते हैं, तब Kohli कई बार Singles और Doubles से Innings को आगे बढ़ाते रहते हैं।
वह Scoreboard को चलाते रहते हैं।
Pressure को जमा नहीं होने देते।
और सबसे महत्वपूर्ण बात, वह अपने Confidence को जल्दबाज़ी में बदलने नहीं देते।
मेरे हिसाब से इन तीनों खिलाड़ियों में एक समान बात थी।
उन्हें अपने खेल पर भरोसा था, लेकिन वे उस भरोसे के नशे में नहीं रहते थे।
वे Situation को अपने Confidence से बड़ा मानते थे।
और शायद यही वजह है कि उनका Confidence उन्हें बेहतर Decision लेने में मदद करता था, न कि गलत Risk लेने में।
एक Observation मैंने हमेशा Notice की है।
Local Cricket में कई खिलाड़ी 30 Runs बनाकर Bowler को हल्के में लेने लगते हैं।
लेकिन बड़े खिलाड़ी 80 Runs बनाकर भी अगली Ball को नई Ball की तरह खेलते हैं।
शायद यही Confidence और Overconfidence के बीच का सबसे बड़ा फर्क है।
सीख
Dhoni, Dravid और Kohli हमें यह सिखाते हैं कि Confidence का मतलब हर Ball पर हमला करना नहीं है। असली Confidence वह है जो खिलाड़ी को Situation समझने, धैर्य रखने और सही समय का इंतज़ार करने की क्षमता देता है। क्योंकि कई बार Confidence हमें बेहतर खिलाड़ी बनाता है, लेकिन Overconfidence हमें Ball आने से पहले ही गलती करने पर मजबूर कर देता है।
मेरे हिसाब से बड़े खिलाड़ियों की पहचान उनके बड़े Shots नहीं, बल्कि यह होती है कि वे अपने Confidence को कभी भी Awareness से बड़ा नहीं होने देते।
5. Spiritual Cricket: Confidence वर्तमान से आता है, Overconfidence भविष्य से
मेरे हिसाब से Cricket में Confidence और Overconfidence का सबसे बड़ा फर्क Technique में नहीं, बल्कि समय में छिपा होता है।
Confidence वर्तमान में रहता है।
Overconfidence भविष्य में।
पहली बार यह बात मुझे Local Cricket को Observe करते हुए समझ आई।
मैंने कई बार देखा है कि एक बल्लेबाज़ शानदार Batting कर रहा होता है।
Ball साफ़ दिखाई दे रही होती है।
Timing भी अच्छी होती है।
लेकिन फिर अचानक उसका खेल बदलने लगता है।
बाहर से देखने पर लगता है कि वही बल्लेबाज़ है।
वही Bat है।
वही Bowler है।
लेकिन उसके मन में कुछ बदल चुका होता है।
अब उसका ध्यान Ball पर नहीं, बल्कि उस Ball से मिलने वाले Result पर होने लगता है।
यहीं से Awareness धीरे-धीरे कम होने लगती है।
अगर हम ईमानदारी से खुद को देखें, तो Batting के दौरान कभी-कभी मन में ऐसे सवाल चल रहे होते हैं —
क्या मैं सच में Ball देख रहा हूँ?
या
मैं पहले से सोच चुका हूँ कि इस Ball पर क्या करना है?
क्या मैं Situation को पढ़ रहा हूँ?
या
मैं अपने Score के नशे में हूँ?
क्या मैं वर्तमान Over में हूँ?
या
मैं पहले ही Fifty, Hundred या Match Winning Shot तक पहुँच चुका हूँ?
मैंने Local Tournament में कई बार एक दिलचस्प Observation Notice की है।
जब बल्लेबाज़ वास्तव में Confident होता है, तब वह Ball आने तक इंतज़ार कर सकता है।
उसे जल्दी नहीं होती।
वह Ball को देखता है।
समझता है।
फिर Decision लेता है।
लेकिन जब Overconfidence बढ़ने लगता है, तब Decision Ball आने से पहले ही लिया जा चुका होता है।
Bowler Run-up में होता है और मन पहले ही कह देता है —
"इस पर मारना है..."
"यह Boundary वाली Ball है..."
"अब तो Attack करना ही है..."
और शायद यहीं सबसे बड़ा फर्क दिखाई देता है।
Confidence कहता है:
"मैं इस Ball को देखूँगा।"
Overconfidence कहता है:
"मुझे पता है क्या आने वाला है।"
Cricket की सबसे सुंदर बात यही है कि Ball हर बार नई होती है।
पिछली Ball का कोई मतलब नहीं।
पिछला Over भी खत्म हो चुका होता है।
लेकिन Overconfidence अक्सर हमें यह विश्वास दिला देता है कि अब हम भविष्य जान चुके हैं।
और जितना मैंने Cricket को समझा है, उतना मुझे लगता है कि कई Wicket खराब Technique की वजह से नहीं, बल्कि इसी भ्रम की वजह से गिरती हैं।
Spiritual नज़रिए से देखें तो Awareness का मतलब केवल Ball को देखना नहीं है।
Awareness का मतलब यह भी है कि हम अपने मन को देख सकें।
यह पहचान सकें कि अभी Decision Ball ले रही है या हमारा अहंकार।
क्योंकि कई बार बल्लेबाज़ Bowler को नहीं खेल रहा होता।
वह अपने ही मन में बनी एक कहानी को खेल रहा होता है।
यदि आप Batting के दौरान अपने विचारों को Observe करना सीखना चाहते हैं, तो "Cricket Awareness Series Part 2 : Batting के दौरान क्या observe करना जरूरी है? " भी पढ़ सकते हैं।
सीख
असली Confidence हमें वर्तमान Ball के करीब लाता है, जबकि Overconfidence हमें Ball आने से पहले ही उसके नतीजे तक पहुँचा देता है। एक जागरूक बल्लेबाज़ सिर्फ़ Bowler को Observe नहीं करता, बल्कि अपने मन को भी Observe करता है। क्योंकि कई बार गलती Shot में नहीं होती, गलती उस पल में होती है जब हम देखना छोड़कर मान लेना शुरू कर देते हैं।
मेरे हिसाब से Cricket में सबसे गहरी Awareness तब शुरू होती है, जब खिलाड़ी यह देख लेता है कि वह Ball खेल रहा है या अपने मन में बने भविष्य को।
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| असली Confidence वर्तमान Ball को देखने से आता है, भविष्य का अनुमान लगाने से नहीं। |
6. अगली Innings में खुद को कैसे Observe करें?
इस पूरे लेख को पढ़ने के बाद शायद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह नहीं है कि Confidence अच्छा है या Overconfidence बुरा।
असली सवाल यह है कि अगली Innings में हम इसे पहचानेंगे कैसे?
क्योंकि Match के दौरान कोई Alarm नहीं बजता जो हमें बता दे कि अब Confidence धीरे-धीरे Overconfidence में बदल रहा है।
यह बदलाव बहुत चुपचाप होता है।
और शायद इसी वजह से इसे Observe करना ज़रूरी है।
मेरे हिसाब से अगली बार Batting करते समय खुद को सिर्फ़ Bowler से नहीं, बल्कि अपने मन से भी जोड़कर देखने की कोशिश कीजिए।
खासकर तब, जब Run आसानी से बन रहे हों।
जब Timing अच्छी हो।
जब आपको लग रहा हो कि आज सब कुछ आपके हिसाब से चल रहा है।
क्योंकि मैंने Local Cricket में कई बार देखा है कि खिलाड़ी सबसे ज़्यादा सावधान तब रहता है जब वह संघर्ष कर रहा होता है।
इस लेख में हमने Confidence और Overconfidence के बीच के फर्क को समझने की कोशिश की। लेकिन Cricket में Awareness केवल Confidence तक सीमित नहीं है।
अगर आप Batting के दौरान अपने विचारों, Decisions और Behaviour को और गहराई से Observe करना चाहते हैं, तो Cricket Awareness Series के पिछले भाग भी आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं:
- Cricket Awareness Series Part 1: Batting से पहले क्या समझना ज़रूरी है?
- Cricket Awareness Series Part 2 : Batting के दौरान क्या observe करना जरूरी है?
- Cricket Awareness Series part 3 : Out होने के बाद अपनी innings का analysis कैसे करें?
निष्कर्ष
Cricket में Confidence एक बहुत खूबसूरत चीज़ है।
यही हमें Crease पर टिके रहने का भरोसा देता है।
यही हमें Pressure में Decision लेने की ताकत देता है।
और यही हमें कठिन परिस्थितियों में भी अपने खेल पर विश्वास बनाए रखने में मदद करता है।
लेकिन जितना मैंने Cricket को Observe किया है, उतना मुझे लगता है कि Confidence और Overconfidence के बीच की दूरी बहुत ज़्यादा नहीं होती।
कई बार यह दूरी सिर्फ़ एक विचार जितनी होती है।
जब हम Ball को देखकर Decision लेते हैं, तब Confidence हमारा साथी बनता है।
लेकिन जब हम यह मान लेते हैं कि हमें पहले से पता है क्या होने वाला है, तब वही Confidence धीरे-धीरे Overconfidence में बदलने लगता है।
मैंने Local Cricket में कई बार देखा है कि बल्लेबाज़ Bowler की सबसे अच्छी Ball पर नहीं, बल्कि उस समय Out होता है जब उसे लगता है कि अब उससे गलती हो ही नहीं सकती।
शायद यही वजह है कि Awareness केवल खराब समय में नहीं, अच्छे समय में भी ज़रूरी होती है।
क्योंकि संघर्ष के दौरान तो हम सतर्क रहते हैं, लेकिन सफलता के दौरान हम अक्सर खुद को Observe करना छोड़ देते हैं।
और कई बार यहीं से अगली Wicket की शुरुआत होती है।
Confidence खिलाड़ी को वर्तमान Ball के करीब लाता है, जबकि Overconfidence कई बार उसे Ball आने से पहले ही Result तक पहुँचा देता है।
और शायद इसी वजह से मैं आज भी मानता हूँ —
मेरे हिसाब से Cricket में कई Wicket डर की वजह से नहीं, बल्कि ज़रूरत से ज़्यादा भरोसे की वजह से गिरती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: Confidence और Overconfidence में सबसे बड़ा फर्क क्या है?
उत्तर: Confidence खिलाड़ी को वर्तमान Ball पर ध्यान रखने में मदद करता है, जबकि Overconfidence कई बार उसे यह विश्वास दिला देता है कि उसे पहले से पता है क्या होने वाला है। मेरे हिसाब से Confidence Awareness से आता है, जबकि Overconfidence अक्सर अनुमान से।
प्रश्न: Set होने के बाद बल्लेबाज़ ज़्यादा Out क्यों हो जाते हैं?
उत्तर: कई बार Set होने के बाद बल्लेबाज़ को लगने लगता है कि अब वह Bowler और Match को पूरी तरह समझ चुका है। इसी वजह से Risk बढ़ने लगता है और Awareness कम होने लगती है। मेरे हिसाब से कई Wicket Technique की वजह से नहीं, बल्कि इसी Overconfidence की वजह से गिरती हैं।


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