"Cricket Awareness Series Part 2 : Batting के दौरान क्या observe करना जरूरी है? "
प्रस्तावना
Cricket Awareness Series के पहले भाग में हमने समझा था कि बल्लेबाज़ी करने से पहले किन बातों को समझना ज़रूरी है। जैसे पिच की प्रकृति, मैच की स्थिति, गेंदबाज़, फील्ड प्लेसमेंट, अपनी भूमिका और मानसिक तैयारी। लेकिन इन सभी बातों को समझ लेने के बाद भी बल्लेबाज़ी की असली परीक्षा तब शुरू होती है जब खिलाड़ी क्रीज़ पर पहुँचता है।
कई बार हम देखते हैं कि कोई बल्लेबाज़ अच्छी शुरुआत करने के बाद भी अपना विकेट गंवा देता है, जबकि कोई दूसरा बल्लेबाज़ मुश्किल परिस्थितियों में भी लंबे समय तक बल्लेबाज़ी कर लेता है। इसका कारण हमेशा तकनीक नहीं होता। कई बार अंतर इस बात का होता है कि बल्लेबाज़ मैच के दौरान क्या देख रहा है, क्या समझ रहा है और किस बात पर ध्यान दे रहा है।
जब बल्लेबाज़ क्रीज़ पर होता है, तब हर गेंद के साथ परिस्थितियाँ बदल सकती हैं। गेंदबाज़ अपनी योजना बदल सकता है, कप्तान फील्ड बदल सकता है, पिच का व्यवहार बदल सकता है और मैच की स्थिति भी बदल सकती है। ऐसे समय में केवल शॉट खेलना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि खेल को लगातार Observe करना भी उतना ही ज़रूरी होता है। मेरे हिसाब से एक जागरूक बल्लेबाज़ केवल गेंद नहीं खेलता, बल्कि हर गेंद के साथ कुछ न कुछ सीखने और समझने की कोशिश भी करता है।
इसी Awareness को समझने के लिए Cricket Awareness Series के इस दूसरे भाग में हम जानेंगे कि बल्लेबाज़ी के दौरान एक खिलाड़ी को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और कैसे छोटे-छोटे Observations उसे बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। यदि आपने Cricket Awareness Series का पहला भाग नहीं पढ़ा है, तो Cricket Awareness Series Part 1: Batting से पहले क्या समझना ज़रूरी है? लेख भी पढ़ सकते हैं।
![]() |
| एक जागरूक बल्लेबाज़ केवल गेंद नहीं खेलता, बल्कि खेल को लगातार पढ़ता भी रहता है। |
1. हर ball के बाद फील्ड में क्या बदलता है?
कई बल्लेबाज़ बल्लेबाज़ी करते समय केवल गेंदबाज़ पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक जागरूक बल्लेबाज़ फील्ड पर भी नज़र रखता है। क्योंकि क्रिकेट में कई बार गेंद आने से पहले ही फील्ड आपको यह संकेत दे देती है कि विपक्षी टीम अगली योजना क्या बना रही है।
आपने भी शायद कभी नोटिस किया होगा कि जैसे ही कोई बल्लेबाज़ एक-दो चौके लगाता है, कप्तान तुरंत फील्ड में बदलाव करना शुरू कर देता है। कभी Deep Point लगाया जाता है, कभी Mid-Off को पीछे भेज दिया जाता है, कभी Fine Leg को ऊपर बुला लिया जाता है और कभी अचानक एक Slip हटा दी जाती है। पहली नज़र में ये छोटे बदलाव लग सकते हैं, लेकिन कई बार इन्हीं बदलावों में विपक्षी टीम की पूरी रणनीति छिपी होती है।
मेरे अनुभव में कई बल्लेबाज़ रन बनाने के बाद उत्साहित हो जाते हैं और अगली गेंद का इंतज़ार करने लगते हैं। लेकिन वे यह नहीं देखते कि पिछली गेंद के बाद फील्ड में क्या बदला है। जबकि एक जागरूक बल्लेबाज़ चौका लगाने के बाद भी कुछ सेकंड फील्ड को देखकर समझने की कोशिश करता है कि कप्तान अब क्या सोच रहा है।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए आपने लगातार Cover Region में दो चौके लगाए। अगली गेंद से पहले कप्तान वहाँ एक अतिरिक्त फील्डर लगा देता है। अब सवाल यह नहीं है कि फील्डर कहाँ खड़ा है, बल्कि यह है कि उसे वहाँ क्यों लगाया गया है। हो सकता है अब गेंदबाज़ आपको फिर उसी क्षेत्र में शॉट खेलने के लिए उकसाने की कोशिश करे।
कई बार ऐसा भी होता है कि Boundary Rider लगने के बाद बल्लेबाज़ सोचता है कि अब उस दिशा में रन बनाना मुश्किल है। लेकिन एक अनुभवी बल्लेबाज़ इसे दूसरे तरीके से देखता है। वह समझता है कि जहाँ एक फील्डर बढ़ा है, वहाँ कहीं न कहीं मैदान का कोई दूसरा हिस्सा खाली भी हुआ होगा।
स्थानीय क्रिकेट में मैंने कई बार देखा है कि बल्लेबाज़ गेंद खेलने के तुरंत बाद नीचे देखने लगते हैं या अपने बल्ले को ठीक करने लगते हैं। लेकिन बड़े खिलाड़ी अक्सर गेंद खत्म होते ही फील्ड पर एक नज़र ज़रूर डालते हैं। यह आदत उन्हें विपक्षी टीम की योजना को जल्दी समझने में मदद करती है।
इसलिए बल्लेबाज़ी के दौरान केवल गेंद का इंतज़ार मत कीजिए। हर गेंद के बाद कुछ सेकंड फील्ड को Observe कीजिए। कई बार कप्तान की अगली चाल फील्ड में हुए छोटे से बदलाव से ही समझ आ जाती है।
सीख
एक जागरूक बल्लेबाज़ केवल यह नहीं देखता कि गेंद कहाँ आ रही है, बल्कि यह भी समझने की कोशिश करता है कि फील्ड में क्या बदल रहा है और क्यों बदल रहा है। कई बार विकेट गेंद से नहीं, बल्कि फील्ड के पीछे छिपी रणनीति को न समझ पाने की वजह से गिरते हैं।
2. Bowler आपको क्या करवाने की कोशिश कर रहा है?
जब कोई गेंदबाज़ आपको गेंद डाल रहा होता है, तो उसका उद्देश्य केवल गेंद फेंकना नहीं होता। लगभग हर गेंद के पीछे कोई न कोई योजना होती है। कई बार बल्लेबाज़ केवल गेंद को देखते हैं, लेकिन एक जागरूक बल्लेबाज़ गेंद के पीछे छिपी योजना को समझने की कोशिश करता है।
![]() |
कई बार विकेट गेंद से नहीं, बल्कि गेंदबाज़ की योजना को न समझ पाने की वजह से गिरता है।
मेरे अनुभव में क्रिकेट में हर गेंद पर रन बनाना उतना मुश्किल नहीं होता, जितना गेंदबाज़ की योजना को समझना मुश्किल होता है। क्योंकि कई बार गेंदबाज़ आपको उस शॉट के लिए उकसाने की कोशिश करता है, जिससे उसे विकेट मिलने की संभावना सबसे ज़्यादा हो।
उदाहरण के लिए, यदि कोई तेज़ गेंदबाज़ लगातार Off Stump के बाहर गेंद डाल रहा है, तो हो सकता है वह आपको Cover Drive खेलने के लिए आकर्षित कर रहा हो। यदि आप बिना सोचे हर गेंद पर बल्ला चलाने लगेंगे, तो बाहरी किनारा लगने की संभावना बढ़ सकती है।
इसी तरह कई बार गेंदबाज़ लगातार Short Ball डालता है। उसका उद्देश्य केवल आपको परेशान करना नहीं होता। हो सकता है वह यह देखना चाहता हो कि आप Pull Shot या Hook Shot खेलने में कितने सहज हैं। कई बार दो-तीन Short Ball के बाद अचानक Full Length Ball आ जाती है और बल्लेबाज़ गलती कर बैठता है।
स्पिन गेंदबाज़ भी अक्सर इसी तरह की योजनाएँ बनाते हैं। कभी वे लगातार Off Stump के बाहर गेंद डालते हैं, कभी बार-बार एक ही क्षेत्र में गेंद फेंकते हैं और फिर अचानक गति या लाइन बदल देते हैं। यदि बल्लेबाज़ केवल गेंद खेल रहा है और पैटर्न नहीं देख रहा, तो वह आसानी से जाल में फँस सकता है।
कई बार गेंदबाज़ आपको रन देने के लिए भी तैयार दिखाई देता है। यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन क्रिकेट में ऐसा अक्सर होता है। हो सकता है वह आपको एक-दो आसान गेंदें देकर यह विश्वास दिलाना चाहता हो कि अब आक्रमण करने का समय है। फिर अचानक वह अपनी योजना बदल देता है।
मैंने स्थानीय क्रिकेट में भी कई बार देखा है कि कुछ गेंदबाज़ जानबूझकर Leg Side में एक-दो गेंदें डालते हैं। बल्लेबाज़ को लगता है कि गेंदबाज़ नियंत्रण खो चुका है। लेकिन अगली ही गेंद Off Stump के पास आकर विकेट ले जाती है। यदि बल्लेबाज़ पहले की गेंदों के आधार पर अनुमान लगाने लगे, तो वह गलती कर सकता है।
एक और छोटी बात जो अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाती है, वह है गेंदबाज़ की Body Language। कभी-कभी गेंदबाज़ किसी खास गेंद से पहले कप्तान से बात करता है, फील्ड बदलता है या रन-अप पर जाते समय कुछ अलग दिखता है। इसका मतलब हमेशा कुछ नहीं होता, लेकिन कई बार यह उसकी योजना का संकेत भी हो सकता है।
इसलिए बल्लेबाज़ी के दौरान केवल यह मत देखिए कि गेंद कहाँ पड़ी। यह भी समझने की कोशिश कीजिए कि गेंदबाज़ आपको क्या करवाना चाहता है। क्या वह आपको Drive खिलाना चाहता है? Pull Shot? बड़ा शॉट? या फिर आपको अधीर बनाना चाहता है?
सीख
एक जागरूक बल्लेबाज़ केवल गेंद नहीं खेलता, बल्कि गेंदबाज़ की योजना को भी पढ़ने की कोशिश करता है। कई बार विकेट एक बेहतरीन गेंद से नहीं, बल्कि गेंदबाज़ की योजना को न समझ पाने की वजह से गिरता है।
3. Ball pitch से लगने के बाद कैसा behaviour कर रही है?
Part 1 में हमने Pitch को समझने की बात की थी, लेकिन बल्लेबाज़ी के दौरान भी Pitch को Observe करना उतना ही ज़रूरी होता है। क्योंकि कई बार Match शुरू होने के समय जो Pitch दिखाई देती है, वह पूरे Match में वैसी नहीं रहती।
मेरे अनुभव में कई बल्लेबाज़ शुरुआत में Pitch को देखकर एक राय बना लेते हैं और फिर पूरी पारी उसी सोच के साथ खेलते रहते हैं। जबकि एक जागरूक बल्लेबाज़ हर कुछ ओवर बाद यह देखने की कोशिश करता है कि गेंद Pitch से लगने के बाद कैसा Behaviour कर रही है।
उदाहरण के लिए, कभी-कभी पहली कुछ गेंदें बल्ले पर अच्छी तरह आती हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद वही गेंद Pitch पर रुककर आने लगती है। ऐसे समय में जो Shot शुरुआत में Boundary बन रहा था, वही Shot बाद में Catch भी बन सकता है।
कई बार गेंद Pitch से लगने के बाद उम्मीद से ज़्यादा Bounce करती है। वहीं कुछ Pitch ऐसी भी होती हैं जहाँ गेंद नीचे रह जाती है। यदि बल्लेबाज़ इन छोटे बदलावों को समय रहते नहीं पहचानता, तो उसका Shot Selection प्रभावित हो सकता है।
एक दिलचस्प Observation यह भी है कि कभी-कभी Pitch पूरे मैदान में एक जैसी नहीं खेलती। एक Area से गेंद अच्छी तरह आती है, जबकि दूसरे Area से हल्की Grip या Turn मिलने लगती है। यही कारण है कि बड़े खिलाड़ी अक्सर हर Over के बाद Pitch को ध्यान से देखते रहते हैं।
यदि आप Non-Striker End पर खड़े हैं, तब भी Pitch आपको बहुत कुछ बता सकती है। गेंद विकेटकीपर तक कितनी ऊँचाई पर जा रही है, गेंदबाज़ के Follow Through के बाद Pitch पर क्या निशान बन रहे हैं, या गेंद Pitch पर लगते समय कैसी आवाज़ कर रही है — ये छोटी बातें भी कई बार उपयोगी संकेत दे सकती हैं।
मैंने स्थानीय क्रिकेट में कई बार देखा है कि दो बल्लेबाज़ एक ही Pitch पर खेल रहे होते हैं, लेकिन एक बल्लेबाज़ लगातार Observe कर रहा होता है और दूसरा केवल Shot खेलने के बारे में सोच रहा होता है। अक्सर अंत में वही खिलाड़ी लंबी पारी खेलता है जो Pitch के Behaviour को पढ़ता रहता है।
सीख
Pitch Report केवल Match शुरू होने से पहले काम आती है, लेकिन Pitch का वास्तविक Behaviour Match के दौरान समझ आता है। एक जागरूक बल्लेबाज़ हर Over के साथ Pitch को दोबारा पढ़ने की कोशिश करता है, क्योंकि कई बार Match वही खिलाड़ी जीतता है जो Pitch में आए छोटे बदलावों को सबसे पहले पहचान लेता है।
4. Scoreboard Awareness क्यों ज़रूरी है?
कई बल्लेबाज़ बल्लेबाज़ी करते समय गेंदबाज़ को देखते हैं, फील्ड को देखते हैं, लेकिन Scoreboard को उतना ध्यान नहीं देते। जबकि कई बार Match की सबसे महत्वपूर्ण जानकारी Scoreboard ही दे रहा होता है। कई बार Non-Striker End पर खड़ा बल्लेबाज़ गेंद को नहीं खेल रहा होता, लेकिन वह Match को बेहतर पढ़ रहा होता है।
जब आप बल्लेबाज़ी कर रहे होते हैं, तो समय-समय पर खुद से कुछ सवाल पूछना ज़रूरी है। टीम का स्कोर क्या है? कितने विकेट बचे हैं? Required Run Rate क्या है? क्या टीम को अभी तेज़ रन चाहिए या केवल एक साझेदारी की ज़रूरत है? ये छोटे सवाल कई बार आपके अगले निर्णय को पूरी तरह बदल सकते हैं।
उदाहरण के लिए, यदि आपकी टीम 50 रन पर 5 विकेट खो चुकी है, तो वही शॉट जो 150/2 पर सही माना जाता, शायद उस समय गलत निर्णय हो सकता है। दूसरी ओर यदि अंतिम कुछ ओवर बचे हैं और रन गति बढ़ाने की आवश्यकता है, तो केवल विकेट बचाने के बारे में सोचते रहना भी टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
मेरे अनुभव में Scoreboard केवल रन और विकेट नहीं दिखाता, बल्कि मैच की कहानी भी बताता है। कई बार बल्लेबाज़ इतना अपने शॉट्स में खो जाता है कि उसे यह भी याद नहीं रहता कि पिछले 5 ओवर में टीम ने कितने रन बनाए हैं या साझेदारी कितनी बड़ी हो चुकी है।
एक छोटी सी Observation यह भी है कि बड़े खिलाड़ी अक्सर Over खत्म होने के बाद Scoreboard की ओर एक नज़र ज़रूर डालते हैं। वे केवल अपना व्यक्तिगत स्कोर नहीं देखते, बल्कि Match की स्थिति को समझने की कोशिश करते हैं।
कभी-कभी Scoreboard आपको यह भी बता देता है कि दबाव किस टीम पर है। क्या दबाव वास्तव में बल्लेबाज़ पर है, या अब गेंदबाज़ को विकेट की ज़रूरत है? यह समझना भी Awareness का हिस्सा है।
इसलिए बल्लेबाज़ी करते समय केवल अगली गेंद पर ही नहीं, बल्कि समय-समय पर Scoreboard पर भी ध्यान दीजिए। क्योंकि कई बार सही Shot Selection बल्ले से नहीं, बल्कि Scoreboard को सही ढंग से पढ़ने से शुरू होता है।
सीख
एक जागरूक बल्लेबाज़ केवल गेंद नहीं खेलता, बल्कि Match की कहानी भी पढ़ता है। और क्रिकेट में कई बार यह कहानी Scoreboard पर ही लिखी होती है।
5. Partner के साथ Communication क्यों ज़रूरी है?
क्रिकेट एक टीम गेम है, लेकिन कई बार बल्लेबाज़ी करते समय खिलाड़ी यह भूल जाते हैं कि वे क्रीज़ पर अकेले नहीं हैं। उनके साथ दूसरे छोर पर एक और बल्लेबाज़ भी मौजूद होता है, जो कई बार ऐसी चीज़ें देख सकता है जो स्ट्राइक पर खड़ा बल्लेबाज़ नहीं देख पाता।
मेरे अनुभव में बल्लेबाज़ी के दौरान Partner के साथ Communication केवल Run Calling तक सीमित नहीं होता। एक अच्छा Partner आपको Match के दौरान कई महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। कभी वह बता सकता है कि गेंद Swing हो रही है, कभी यह कि Pitch थोड़ी Slow हो गई है, और कभी यह कि Bowler लगातार एक ही Pattern में गेंदबाज़ी कर रहा है।
कई बार स्ट्राइक पर खड़ा बल्लेबाज़ केवल गेंद खेलने पर ध्यान देता है, जबकि Non-Striker End पर खड़ा खिलाड़ी पूरे मैदान को अलग नज़रिए से देख रहा होता है। वह Field Placement में हुए बदलाव, Bowler की Body Language या Captain की Strategy को बेहतर तरीके से Observe कर सकता है।
एक छोटी सी बात जो अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाती है, वह है Over के बीच होने वाली बातचीत। बड़े खिलाड़ी अक्सर Over खत्म होने के बाद कुछ सेकंड बात ज़रूर करते हैं। वे हमेशा कोई बड़ी रणनीति नहीं बना रहे होते, कई बार वे केवल यह शेयर कर रहे होते हैं कि Pitch कैसी लग रही है, गेंद बल्ले पर कैसी आ रही है या Bowler क्या करने की कोशिश कर रहा है।
इसका सबसे अच्छा उदाहरण Virat Kohli और MS Dhoni की साझेदारियों में देखने को मिलता था। जब भी दोनों बल्लेबाज़ी करते थे, अक्सर Over के बीच बातचीत करते दिखाई देते थे। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य बातचीत लग सकती थी, लेकिन कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यही छोटी-छोटी चर्चाएँ उन्हें Match Situation को बेहतर समझने में मदद करती थीं।
मैंने स्थानीय क्रिकेट में भी कई बार देखा है कि जब दो बल्लेबाज़ लगातार एक-दूसरे से बात करते रहते हैं, तो उनकी Partnership ज़्यादा समय तक चलती है। वहीं जब दोनों खिलाड़ी अपने-अपने खेल में खो जाते हैं, तो गलतफहमियाँ बढ़ने लगती हैं। कभी Run Out का खतरा बढ़ जाता है, तो कभी Match Situation को लेकर दोनों की सोच अलग हो जाती है।
इसलिए बल्लेबाज़ी के दौरान केवल गेंदबाज़ से ही नहीं, बल्कि अपने Partner से भी जुड़े रहिए। कई बार आपके Partner की एक छोटी सी Observation आपको वह जानकारी दे सकती है जो आपने खुद Notice नहीं की हो।
सीख
एक जागरूक बल्लेबाज़ केवल अपने खेल को नहीं समझता, बल्कि अपने Partner की Observations का भी उपयोग करता है। क्रिकेट में कई बार बड़ी Partnerships शानदार Shots से नहीं, बल्कि अच्छी Communication से बनती हैं।
6. अपने मन को Observe करना क्यों ज़रूरी है?
Cricket Awareness की बात करें तो शायद सबसे मुश्किल चीज़ Pitch को समझना, Bowler को पढ़ना या Field Placement को Observe करना नहीं है। सबसे मुश्किल काम अपने ही मन को समझना होता है।
जब बल्लेबाज़ क्रीज़ पर होता है, तब सामने केवल गेंदबाज़ ही नहीं होता, उसके भीतर भी कई तरह के विचार चल रहे होते हैं। कभी रन बनाने की जल्दी, कभी आउट होने का डर, कभी अपने पिछले शॉट का पछतावा और कभी अगले Over की चिंता। कई बार बल्लेबाज़ का सबसे बड़ा विरोधी सामने खड़ा गेंदबाज़ नहीं, बल्कि उसके अपने विचार होते हैं।
मेरे अनुभव में बल्लेबाज़ी के दौरान मन बहुत जल्दी भटकता है। एक अच्छी गेंद Beat कर जाए तो मन कहता है, "आज शायद बल्लेबाज़ी मुश्किल होगी।" एक चौका लग जाए तो मन कहता है, "अब अगली गेंद भी Boundary मारनी है।" और यदि कैच छूट जाए तो मन बार-बार उसी घटना को याद करता रहता है। इन सबके बीच वर्तमान गेंद पर ध्यान बनाए रखना आसान नहीं होता।
आपने भी शायद कभी महसूस किया होगा कि जब मन शांत होता है, तब गेंद कुछ बड़ी दिखाई देती है और निर्णय लेने में आसानी होती है। वहीं जब मन में बहुत अधिक शोर चल रहा हो, तो साधारण गेंद भी मुश्किल लगने लगती है। यही कारण है कि कई बार एक ही खिलाड़ी किसी दिन बहुत सहज बल्लेबाज़ी करता है और किसी दिन वही खिलाड़ी संघर्ष करता हुआ दिखाई देता है।
एक छोटी सी Observation यह भी है कि कई बल्लेबाज़ Out होने के बाद कहते हैं कि शॉट गलत नहीं था, लेकिन Decision गलत था। और Decision अक्सर वहीं गलत होते हैं जहाँ मन वर्तमान क्षण में नहीं होता। यदि आपका ध्यान मैच के दौरान बार-बार भटकता है, तो Match में Focus कैसे बनाए रखें – जब दिमाग भटकता है तब क्या करें? लेख भी पढ़ सकते हैं।
मुझे लगता है कि Awareness का सबसे गहरा अर्थ भी यही है। केवल यह देखना नहीं कि गेंद कहाँ पड़ी, बल्कि यह भी देखना कि इस समय मेरे मन में क्या चल रहा है। क्या मैं Scoreboard के दबाव में हूँ? क्या मैं अपने Personal Score के बारे में सोच रहा हूँ? क्या मैं पिछले Over की किसी घटना में अटका हुआ हूँ? या फिर मैं सच में इस गेंद पर उपस्थित हूँ?
यही कारण है कि दुनिया के कई बड़े खिलाड़ी Visualisation, Breathing Techniques और Mental Preparation पर काम करते हैं। उनका उद्देश्य कोई जादू करना नहीं होता, बल्कि अपने मन को वर्तमान क्षण में वापस लाना होता है।
स्पिरिचुअल दृष्टि से देखें तो Awareness का अर्थ ही है — जो इस समय हो रहा है, उसे बिना भागे हुए देखना। क्रिकेट में भी यही बात लागू होती है। जब बल्लेबाज़ का ध्यान केवल वर्तमान गेंद पर होता है, तब उसका Shot Selection अधिक स्वाभाविक हो जाता है। वह डर, जल्दबाज़ी या अहंकार से नहीं, बल्कि समझदारी से निर्णय लेने लगता है।
मैंने स्थानीय टूर्नामेंट खेलते समय कई बार महसूस किया है कि जब मन Scoreboard, Result या लोगों की अपेक्षाओं में उलझ जाता है, तब बल्लेबाज़ी कठिन लगने लगती है। लेकिन जब ध्यान केवल अगली गेंद पर आ जाता है, तब खेल थोड़ा सरल और स्वाभाविक महसूस होने लगता है।
![]() |
| कई बार मैच बाहर नहीं, बल्कि भीतर जीता जाता है। |
शायद इसी कारण क्रिकेट में बार-बार कहा जाता है:
"One Ball At A Time."
यह केवल क्रिकेट की सलाह नहीं है, बल्कि Awareness का भी एक रूप है। क्योंकि जीवन की तरह क्रिकेट भी एक समय में केवल एक ही गेंद खेलने की अनुमति देता है।
शायद इसी कारण क्रिकेट में अगली गेंद हमेशा पिछली गेंद से अधिक महत्वपूर्ण होती है।
सीख
एक जागरूक बल्लेबाज़ केवल Pitch, Bowler या Scoreboard को ही Observe नहीं करता, बल्कि समय-समय पर अपने मन को भी Observe करता है। कई बार Match बाहर नहीं, भीतर जीता जाता है। और जब खिलाड़ी वर्तमान गेंद पर पूरी तरह उपस्थित होना सीख जाता है, तब उसकी Game Awareness, Focus और Decision Making स्वाभाविक रूप से बेहतर होने लगती है।
निष्कर्ष
Cricket Awareness Series के पहले भाग में हमने समझा था कि बल्लेबाज़ी करने से पहले किन बातों को समझना ज़रूरी है। वहीं इस दूसरे भाग में हमने उन चीज़ों की बात की जिन्हें बल्लेबाज़ को क्रीज़ पर रहते हुए लगातार Observe करते रहना चाहिए।
अगर आपने ध्यान दिया होगा, तो इस पूरे लेख में कहीं भी कोई जादुई Shot, Secret Technique या Run बनाने का Shortcut नहीं बताया गया है। क्योंकि मेरे अनुभव में क्रिकेट अक्सर बड़े Shots से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे Observations से बदला करता है।
कई बार एक फील्डर का कुछ कदम इधर-उधर होना, Bowler की Line में आया छोटा सा बदलाव, Pitch से गेंद का थोड़ा अधिक Bounce होना, Partner की एक छोटी सी सलाह या Scoreboard पर दिखता एक साधारण सा आंकड़ा भी आपके अगले निर्णय को बदल सकता है।
शायद यही कारण है कि बड़े खिलाड़ी केवल गेंद नहीं खेलते, बल्कि Match को पढ़ते रहते हैं। वे हर Over के साथ कुछ न कुछ Observe करते रहते हैं। कभी विपक्षी टीम को, कभी Match Situation को और कभी अपने ही मन को।
मेरे हिसाब से Awareness कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो बल्लेबाज़ी शुरू होने से पहले एक बार हासिल हो जाए। Cricket में Awareness को हर गेंद के साथ दोबारा जगाना पड़ता है। क्योंकि जिस क्षण आप Observe करना छोड़ देते हैं, उसी क्षण आप अनुमान लगाना शुरू कर देते हैं। और क्रिकेट में अनुमान अक्सर गलत साबित हो सकते हैं।
एक और दिलचस्प बात यह है कि Awareness का संबंध केवल क्रिकेट से नहीं है। जब बल्लेबाज़ वर्तमान गेंद पर ध्यान देना सीखता है, तब वह धीरे-धीरे यह भी समझने लगता है कि जीवन की तरह क्रिकेट में भी हम एक समय में केवल एक ही गेंद खेल सकते हैं।
शायद इसी कारण मुझे लगता है कि एक अच्छा बल्लेबाज़ केवल वह नहीं होता जो अच्छे Shots खेलता है, बल्कि वह होता है जो खेल को देखने, समझने और सीखने की क्षमता कभी नहीं छोड़ता।
अंतिम सीख
Part 1 का संदेश था — बल्लेबाज़ी से पहले समझो।
Part 2 का संदेश है — बल्लेबाज़ी के दौरान देखते रहो।
और शायद Awareness का सबसे सरल अर्थ यही है:
"जो इस समय हो रहा है, उसे बिना जल्दबाज़ी और बिना पूर्वाग्रह के देख पाना।"
क्योंकि कई बार क्रिकेट में जीतने वाला खिलाड़ी सबसे प्रतिभाशाली नहीं, बल्कि सबसे अधिक जागरूक खिलाड़ी होता है।
Cricket Awareness Series के अगले भाग में हम जानेंगे कि Out होने के बाद अपनी Innings का Analysis कैसे करें और अपनी गलतियों से क्या सीख सकते हैं।
"Cricket Awareness Series part 3 : Out होने के बाद अपनी innings का analysis कैसे करें? "
यदि आपने इस Series का पहला भाग नहीं पढ़ा है, तो उसे भी ज़रूर पढ़ें।



टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें