''विराट कोहली का ध्यान का सफर: मेंटल स्ट्रेंथ का राज़ ''
मैच का आखिरी ओवर ,टीम को जीत के लिए 10 रन चाहिए, और विराट कोहली क्रीज़ पर..... लेकिन आज हम बात नहीं करेंगे उनके शॉट्स की , बात करेंगे उनके माइंड की! 2014 के बाद विराट में जो बदलाव आया ,वो सिर्फ फिटनेस का नहीं बल्कि मेन्टल स्ट्रेंथ का नतीजा था | और इसकी चाबी थी - ध्यान और मेडिटेशन | 2014 : वो साल जब सब कुछ बदल गया : 2014 इंग्लैंड टूर विराट के करियर का टर्निंग पॉइंट था | ख़राब फॉर्म के बाद विराट ने महसूस किया कि फिजिकल ट्रेनिंग काफी नहीं है | इसी दौरान उन्होंने मैडिटेशन को गम्भीरता से लेना शुरू किया | विराट ने मीडिया के सामने ये माना की मेन्टल हेल्थ फिजिकल फिटनेस जितनी ही जरूरी है | 2014 इंग्लैंड टूर : वो मोड़ जब विराट ने पाया मेन्टल राज़ सच्चाई ये है कि 2014 इंग्लैंड टूर विराट के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था | ख़राब प्रदर्शन के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि सिर्फ शारीरिक प्रशिक्षण प्रयाप्त नहीं है | इसी अवधि में उन्होंने गंभीरता से मैडिटेशन अभ्यास शुरू किया | ...