Posts

Showing posts with the label mental strength

''क्रिकेट की भावना कैसे बनाये रखें ? धोनी के 5 आधयात्मिक नियम ''/"How to maintain the spirit of cricket? Dhoni's 5 spiritual rules"

Image
                                                         क्या आपने कभी सोचा है कि एमएस धोनी दबाव की स्तिथियों में इतने शांत कैसे रहते हैं ? 2019 विश्व कप सेमी-फाइनल का वह क्षण याद है? जब अंपायर ने  आउट दिया , और धोनी बिना एक  शब्द कहे पवेलियन लौट गए | कोई बहस नहीं , कोई नाटक नहीं | यह कोई कमजोरी नहीं ,बल्कि आध्यात्मिक शक्ति का प्रदर्शन था |   आज मैं आपको बताऊंगा धोनी के 5 आध्यात्मिक नियम जो हर क्रिकेटर को 'क्रिकेट की भावना ' बनाये रखने में सहायता कर सकते हैं |  आधुनिक क्रिकेट की सबसे बड़ी चुनौती : जीत बनाम भावना  आजकल क्रिकेट देखते समय मुझे अक्सर  लगता  है: खिलाड़ी आक्रामक व्यवहार दिखा रहे हैं  अम्पायरों के निर्णयों पर अनावश्यक बहस  प्रतिद्वंदियों के प्रति सम्मान काम हो रहा है  'किसी भी कीमत पर जीत' की मानसिकता बढ़ रही है  ऐसे में 'क्रिकेट की भावना' को बनाये रखना वास्तविक चुनौती बन है |  ...

''विराट कोहली का ध्यान सफर: मेंटल स्ट्रेंथ का राज़ '' /"Virat Kohli's Meditation Journey: The Secret behind his Mental Strength"

Image
 मैच का आखिरी ओवर ,टीम को जीत के  लिए 10 रन  चाहिए,  और विराट कोहली क्रीज़ पर..... लेकिन आज हम बात नहीं करेंगे उनके शॉट्स की , बात करेंगे उनके माइंड  की!  2014 के बाद विराट में जो बदलाव आया ,वो सिर्फ फिटनेस का नहीं बल्कि मेन्टल स्ट्रेंथ का नतीजा था | और इसकी चाबी थी  - ध्यान और मेडिटेशन |  2014 :  वो साल जब सब कुछ बदल गया : 2014 इंग्लैंड टूर विराट के करियर  का टर्निंग पॉइंट था | ख़राब फॉर्म  के बाद विराट ने महसूस किया  कि फिजिकल ट्रेनिंग काफी नहीं है | इसी दौरान उन्होंने मैडिटेशन को गम्भीरता से लेना शुरू किया | विराट ने मीडिया के सामने ये माना की मेन्टल  हेल्थ फिजिकल  फिटनेस जितनी ही जरूरी है |  2014 इंग्लैंड टूर :   वो मोड़ जब विराट ने पाया मेन्टल  राज़    सच्चाई ये है कि 2014 इंग्लैंड टूर विराट के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था | ख़राब प्रदर्शन के दौरान उन्हें एहसास  हुआ कि सिर्फ शारीरिक प्रशिक्षण प्रयाप्त नहीं है | इसी अवधि में उन्होंने गंभीरता से मैडिटेशन अभ्यास शुरू किया |  ...